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📜 पंचतंत्र

चतुर हंस और मूर्ख उल्लू — बुरी संगति और निर्दोष की जान

पंचतंत्र — विश्नु शर्मा4 मिनट का पठन
चतुर हंस और मूर्ख उल्लू — बुरी संगति और निर्दोष की जान

एक बहुत ही सुंदर मानसरोवर झील में एक सफेद और 'चतुर हंस' रहता था। वह बहुत ही शांत और सज्जन स्वभाव का था। एक दिन पास के घने जंगल से एक 'उल्लू' उड़कर उस झील पर आया।

उल्लू ने हंस की सुंदरता और झील का शांत माहौल देखा तो वह हंस के पास गया और मीठी-मीठी बातें करके उससे 'दोस्ती' कर ली। हंस बहुत सीधा था, उसने उल्लू को अपना मित्र मान लिया। कुछ दिन झील पर रहने के बाद उल्लू ने कहा: "मित्र हंस! अब मुझे अपने जंगल लौटना होगा। तुम भी कभी मेरे घने जंगल में मेरे मेहमान बनकर आना।" हंस ने वादा किया कि वह ज़रूर आएगा।

जंगल की यात्रा: कुछ महीनों बाद, हंस अपने मित्र उल्लू से मिलने उस घने और अंधेरे जंगल में गया। उल्लू का घोंसला एक बहुत पुराने और सूखे पेड़ के कोटर में था। हंस को वह जगह बिल्कुल अच्छी नहीं लगी, लेकिन दोस्ती निभाने के लिए वह वहीं रुक गया।

उसी दिन जंगल में शिकार खेलने एक 'राजा' आया था। शाम हो गई थी और राजा बहुत थक गया था, इसलिए उसने उसी सूखे पेड़ के नीचे अपना शिविर लगा लिया और सोने चला गया।

उल्लू की बेवकूफी और हंस की मौत: रात का अंधेरा होते ही उल्लू का प्राकृतिक स्वभाव जाग उठा। वह अपने कोटर से बाहर निकला और बिना किसी वजह के ज़ोर-ज़ोर से अपनी भयानक और मनहूस आवाज़ में चिल्लाने लगा— "घूघू! घूघू!"

उल्लू की इस कर्कश और मनहूस आवाज़ से पेड़ के नीचे सो रहे राजा की नींद टूट गई। राजा को बहुत गुस्सा आया कि एक अशुभ पक्षी उसकी नींद खराब कर रहा है।

राजा ने अपने सैनिकों को आदेश दिया: "अभी इसी वक्त इस अशुभ उल्लू को तीर मार कर नीचे गिरा दो!"

उल्लू को अंधेरे में सब दिखाई देता था। जैसे ही उसने सैनिकों को तीर निकालते देखा, वह तुरंत समझ गया कि खतरा है। उल्लू ने हंस को कुछ नहीं बताया और चुपचाप उड़कर एक दूसरी सुरक्षित जगह पर छिप गया।

बेचारा 'हंस', जिसे रात के अंधेरे में कुछ दिखाई नहीं देता था, चुपचाप उसी डाली पर बैठा रहा। सैनिकों ने आवाज़ की दिशा में तीर चलाया। वह नुकीला तीर सीधे उस सज्जन और निर्दोष 'हंस' की छाती में जाकर लगा और वह ज़मीन पर गिरकर मर गया।

नीति / सीख: दुष्ट और मूर्ख लोगों की संगति हमेशा विनाशकारी होती है। बुरे दोस्त संकट आने पर भाग जाते हैं, और उनके किए गए अपराधों की सज़ा हमेशा अच्छे और निर्दोष इंसान को ही भुगतनी पड़ती है।

🎉 कहानी समाप्त

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