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📜 पंचतंत्र

चींटी और हाथी — घमंड का नाश और सूंड का दर्द

पंचतंत्र — विश्नु शर्मा5 मिनट का पठन
चींटी और हाथी — घमंड का नाश और सूंड का दर्द

एक जंगल में एक बहुत बड़ा और ताक़तवर हाथी रहता था। हाथी को अपने विशाल आकार और ताक़त पर बहुत ज़्यादा घमंड था। वह हमेशा जंगल के छोटे जानवरों को परेशान करता, उन्हें डराता और उनकी चीज़ें खराब कर देता था।

उसी जंगल में एक बहुत ही छोटी सी चींटी अपने परिवार के साथ एक बिल में रहती थी। चींटी बहुत मेहनती थी।

एक दिन हाथी उसी रास्ते से गुज़र रहा था जहाँ चींटियों का बिल था। हाथी ने अपनी सूंड में पानी भरा और ज़ोर से चींटियों के बिल पर फेंक दिया। सारा घर खराब हो गया।

चींटी ने बाहर आकर गुस्से से कहा: "अरे हाथी भाई! तुम हमेशा हम छोटे जीवों को क्यों परेशान करते हो? यह बहुत बुरी बात है, तुम्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।"

हाथी का अहंकार: हाथी ज़ोर-ज़ोर से हंसने लगा और बोला: "अरे ओ तुच्छ चींटी! तू मुझे सिखाएगी कि मुझे क्या करना चाहिए? मैं एक पैर रखूँगा तो तेरा पूरा खानदान मसल जाएगा। चुपचाप अपने रास्ते जा, वरना अभी तुझे कुचल दूँगा!"

चींटी ने उस दिन कसम खाई कि वह इस घमंडी हाथी को सबक ज़रूर सिखाएगी।

चींटी का वार: अगले दिन दोपहर में, हाथी एक पेड़ के नीचे गहरी नींद में सो रहा था।

चींटी धीरे-धीरे रेंगती हुई हाथी के पास गई और वह चुपके से हाथी की उस लंबी 'सूंड के अंदर' घुस गई!

सूंड के अंदर जाकर चींटी ने अपने तेज़ दांतों से हाथी के कोमल मांस पर ज़ोर-ज़ोर से 'काटना' शुरू कर दिया।

अचानक हुए इस दर्द से हाथी की नींद टूट गई। वह दर्द से पागल हो गया और ज़ोर-ज़ोर से चिंघाड़ने लगा। उसने अपनी सूंड को ज़मीन पर पटका, हवा में उछाला, पानी खींचा, लेकिन चींटी बाहर नहीं निकली। वह अंदर लगातार काटती रही।

हाथी दर्द से तड़पकर ज़मीन पर गिर पड़ा। वह रोने लगा और चिल्लाने लगा: "बचाओ! बचाओ! मुझे बहुत दर्द हो रहा है!"

चींटी ने सूंड के अंदर से आवाज़ दी: "हाथी भाई! कैसा लग रहा है? जब तुम हम छोटों को दर्द देते हो, तो हमें भी ऐसा ही लगता है।"

हाथी ने रोते हुए हाथ जोड़े: "मुझे माफ़ कर दो चींटी बहन! मैं हार गया। मुझे समझ आ गया कि किसी को छोटा समझकर सताना नहीं चाहिए। मैं अब कभी किसी को परेशान नहीं करूँगा।"

हाथी का अहंकार टूट चुका था। चींटी दयालु थी, वह सूंड से बाहर आ गई और हाथी ने फिर कभी जंगल में किसी जानवर को नहीं सताया।

नीति / सीख: घमंड का सिर हमेशा नीचा होता है। कभी भी किसी को उसके आकार से 'कमज़ोर या छोटा' नहीं समझना चाहिए। एक छोटी सी चींटी भी विशालकाय हाथी को घुटने टेकने पर मजबूर कर सकती है।

🎉 कहानी समाप्त

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