घमंडी पेड़ और झुकने वाला नरकट — आंधी में अहंकार का टूटना

एक नदी के किनारे एक बहुत ही विशाल और पुराना 'बांज का पेड़' (Oak Tree) खड़ा था। उस पेड़ का तना बहुत मोटा और उसकी जड़ें ज़मीन में बहुत गहराई तक फैली हुई थीं। अपनी इस अपार ताक़त और विशाल आकार के कारण उस पेड़ को खुद पर बहुत घमंड था।
उसी पेड़ के ठीक नीचे, नदी के पानी के पास कुछ पतले और कमज़ोर 'नरकट' (Reeds / सरकंडे) उगे हुए थे। नरकट का तना बहुत ही पतला और लचीला होता है।
बांज का पेड़ अक्सर उन कमज़ोर नरकटों का मज़ाक उड़ाया करता था।
पेड़ का अहंकार: एक दिन पेड़ ने नरकट से कहा: "अरे कमज़ोर नरकट! तुम्हारी ज़िंदगी भी कितनी दयनीय है। एक हल्की सी हवा भी चलती है, तो तुम डर के मारे उसके सामने अपना सिर झुका लेते हो। ज़रा मुझे देखो! मैं कितना ताक़तवर हूँ। चाहे कितनी भी तेज़ हवा चले, मैं अपना सिर हमेशा ऊँचा रखता हूँ और किसी के सामने नहीं झुकता। तुम्हें तो मेरी तरह मज़बूत होना चाहिए!"
नरकट ने बहुत ही विनम्रता से जवाब दिया: "पेड़ भाई! हम कमज़ोर ज़रूर हैं, लेकिन हम सुरक्षित हैं। हम हवा से लड़ते नहीं, बल्कि उसके बहाव के साथ खुद को ढाल लेते हैं (लचीलापन)। आपकी यह 'न झुकने की ज़िद' एक दिन आपके लिए खतरनाक साबित हो सकती है।"
पेड़ ने ज़ोर से ठहाका लगाया और नरकट की बात को मूर्खता बताकर अनसुना कर दिया।
उसी रात, मौसम बहुत बुरी तरह बिगड़ गया। आसमान से एक बहुत ही भयंकर 'तूफान और आंधी' उठी। हवा की रफ़्तार इतनी तेज़ थी कि लगता था जैसे वह सब कुछ उड़ा ले जाएगी।
तूफान आते ही, उन पतले नरकटों ने हवा का विरोध नहीं किया। वे हवा की दिशा में ज़मीन तक 'पूरी तरह झुक गए'। हवा उनके ऊपर से गुज़र गई और उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुँचा।
दूसरी तरफ, उस घमंडी बांज के पेड़ ने अपनी ज़िद पकड़ ली। उसने अपनी पूरी ताक़त लगाकर हवा का सामना करने और 'सीधे खड़े रहने' की कोशिश की। वह हवा से लड़ने लगा।
लेकिन तूफान की ताक़त उस पेड़ से कहीं ज़्यादा थी। पेड़ जितना अकड़ता, हवा उस पर उतना ही दबाव डालती। अंततः, एक बहुत ही ज़ोरदार हवा का झोंका आया और एक भयानक "कड़ाक" की आवाज़ के साथ उस विशाल पेड़ का मोटा तना बीच में से टूट गया! उसकी जड़ें ज़मीन से उखड़ गईं और वह घमंडी पेड़ धड़ाम से नदी में गिर पड़ा।
सुबह जब तूफान शांत हुआ, तो पतले नरकट फिर से सीधे खड़े हो गए और हवा में मुस्कुराने लगे। लेकिन वह विशाल बांज का पेड़ ज़मीन पर मरा हुआ पड़ा था।
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