शेर और किसान — अंधा प्यार और ताक़त का छिन जाना

जंगल के पास एक गांव था। उस गांव में एक किसान रहता था। किसान की एक बहुत ही सुंदर बेटी थी।
एक दिन जंगल का एक खूंखार शेर गांव के किनारे से गुज़र रहा था। उसने किसान की बेटी को देखा और उसकी सुंदरता पर मोहित हो गया। शेर को उससे प्यार हो गया।
शेर सीधा किसान के घर गया और दरवाज़े पर दहाड़ते हुए बोला: "किसान! मैं जंगल का राजा हूँ और मुझे तुम्हारी बेटी पसंद आ गई है। अपनी बेटी की शादी मुझसे कर दो, वरना मैं पूरे गांव को तबाह कर दूँगा!"
किसान बहुत डर गया। वह अपनी प्यारी बेटी की शादी एक खूंखार जानवर से बिल्कुल नहीं करना चाहता था। परंतु अगर वह सीधे मना करता, तो शेर उसे और उसकी बेटी को मार डालता।
किसान की चालाकी: किसान ने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल किया। उसने शेर से बहुत ही विनम्रता और डरते हुए कहा: "हे वनराज! यह तो हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि आप मेरी बेटी से शादी करना चाहते हैं। मुझे कोई ऐतराज़ नहीं है। परंतु एक छोटी सी समस्या है।"
शेर ने पूछा: "क्या समस्या है?"
किसान ने कहा: "मेरी बेटी एक इंसान है। वह आपके इन 'लंबे-नुकीले नाखूनों' और भयानक 'नुकीले दांतों' को देखकर बहुत डरती है। अगर आप अपने ये नाखून और दांत निकलवा दें, तो मेरी बेटी खुशी-खुशी आपसे शादी कर लेगी।"
प्यार में अंधा शेर: शेर उस लड़की के प्यार में इतना अंधा हो चुका था कि उसकी सोचने-समझने की शक्ति खत्म हो गई। उसने बिना सोचे-समझे किसान की बात मान ली।
शेर जंगल में गया और उसने पत्थरों पर घिस-घिस कर अपने सारे 'नुकीले दांत' तोड़ दिए और अपने 'नाखून' उखाड़ दिए। ऐसा करने से उसे बहुत दर्द हुआ, लेकिन वह सब सह गया।
बिना दांत और नाखूनों के शेर वापस किसान के घर पहुँचा। उसने कहा: "देखो! मैंने तुम्हारे कहे अनुसार सब कर लिया है। अब अपनी बेटी को बुलाओ।"
किसान ने जब देखा कि शेर अब बिल्कुल 'निहत्था और कमज़ोर' हो चुका है, तो उसका सारा डर खत्म हो गया। किसान ने घर के अंदर से एक बहुत बड़ा और 'मोटा डंडा' निकाला।
किसान ने कहा: "अरे मूर्ख जानवर! तूने अपनी ही ताक़त खत्म कर दी, अब तू किस बात का राजा?" यह कहकर किसान ने उस निहत्थे शेर की डंडों से इतनी भयंकर पिटाई की कि शेर को जान बचाकर हमेशा के लिए उस गांव से दूर भागना पड़ा।
नीति / सीख: बिना सोचे-समझे किसी के लिए अपनी 'जन्मजात ताक़त' या 'हथियार' छोड़ देना सबसे बड़ी मूर्खता है। जो इंसान अपने बचाव के साधन खो देता है, दुनिया हमेशा उसका फायदा उठाती है।
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