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📚 शिक्षाप्रद कहानियाँ

तीन चोर — जैसी करनी वैसी भरनी

शिक्षाप्रद कहानियाँ3 मिनट का पठन
तीन चोर — जैसी करनी वैसी भरनी

तीन चोर थे। एक रात उन्होंने शहर के एक बड़े मालदार आदमी के घर में सेंध लगाई और भरपूर धन-दौलत समेट ली। सारा माल एक बड़े थैले में भरकर वे भागते हुए सीधे घने जंगल में जा छिपे, ताकि सुबह होने से पहले कोई उनका पीछा न कर सके।

जंगल में पहुँचते ही उन्हें ज़ोर की भूख सताने लगी। रात के उस सन्नाटे में खाने-पीने का वहाँ कुछ भी नहीं था, इसलिए तीनों ने आपस में तय किया कि उनमें से एक पास के किसी गाँव में जाकर सबके लिए खाना ले आए, बाकी दोनों वहीं थैले और धन की रखवाली करेंगे।

तीनों में से एक चोर खाना लेने गाँव की तरफ चल पड़ा। रास्ते भर उसके मन में एक ही खयाल घूमता रहा — "अगर किसी तरह मेरे बाकी दोनों साथी न रहें, तो यह सारा धन अकेले मेरा हो जाएगा।" यह सोचते-सोचते उसका लालच इतना बढ़ गया कि गाँव पहुँचकर उसने एक योजना बना ली। उसने खाना खरीदा, और उसमें चुपके से ज़हर मिला दिया — यह सोचकर कि जंगल लौटकर वह अपने दोनों साथियों को यह ज़हरीला खाना खिला देगा, और सारा माल अकेले लेकर निकल जाएगा।

उधर जंगल में बैठे बाकी दोनों चोरों के मन में भी लालच का यही ज़हर घुल रहा था। वे आपस में बातें करते हुए सोच रहे थे — "जब वह तीसरा साथी खाना लेकर लौटेगा, तो हम दोनों मिलकर उसे मार डालेंगे। इस तरह धन सिर्फ हम दोनों में बँटेगा, तीन में नहीं।" उन्होंने आपस में यह मंसूबा पक्का कर लिया और तीसरे साथी के इंतज़ार में बैठे रहे।

कुछ ही देर में वह तीसरा चोर खाना लेकर जंगल में वापस पहुँचा, बिल्कुल बेखबर कि उसके दोनों साथी उसकी जान के प्यासे बैठे हैं। जैसे ही वह उनके पास पहुँचा, दोनों ने मिलकर उस पर हमला कर दिया और उसे वहीं मार डाला।

अब सिर्फ दो चोर बचे थे, और सारा धन उनके सामने पड़ा था। भूख से बेहाल और अपनी "सफल" योजना पर खुश होते हुए, दोनों ने वही खाना निकाला जो तीसरा साथी लाया था — बिना यह जाने कि उसमें पहले से ही ज़हर मिलाया जा चुका है। दोनों ने जी भरकर वह ज़हरीला खाना खाया, और थोड़ी ही देर में तड़पते हुए दोनों की भी वहीं मौत हो गई।

सुबह जब जंगल में उजाला फैला, तो वहाँ सिर्फ तीन लाशें पड़ी थीं और उनके बीच वह चुराया हुआ सारा धन — जस का तस, अछूता, जिसे भोगने के लिए अब कोई ज़िंदा नहीं बचा था। तीनों ने एक-दूसरे के लिए जो जाल बुना था, आखिर में वही जाल तीनों का काल बन गया — जैसा उन्होंने बोया, वैसा ही उन्होंने काटा।

🎉 कहानी समाप्त

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