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📖 मुहावरों की कहानियाँ

'ईंट का जवाब पत्थर से देना'

लोक परंपरा2 मिनट का पठन
'ईंट का जवाब पत्थर से देना'

'अँधेरी गली' में दो पड़ोसियों के बीच हमेशा झगड़ा रहता था। एक का नाम था 'गुस्सेल' और दूसरे का 'बदला'। दोनों एक-दूसरे की जान के दुश्मन थे।

एक दिन गुस्सेल ने गलती से अपना कचरे का थैला बदला के घर के सामने फेंक दिया। बदला ने देखा, तो गुस्से से लाल-पीला हो गया।

बदला ने बिना कुछ सोचे, तुरंत गुस्से से अपना कचरे का थैला उठाया और सीधा गुस्सेल के घर के दरवाज़े पर पटक दिया!

गुस्सेल बाहर निकला, उसने थैला देखा और चिल्लाया, 'बदला, तूने हिम्मत कैसे की?'

बदला ने भी चिल्लाकर जवाब दिया, 'तूने कचरा फेंका, इसलिए मैंने पलटकर फेंका।'

दोनों के बीच लड़ाई शुरू हो गई। पड़ोसियों ने आकर बीच में मुश्किल से छुड़ाया।

(यह मुहावरा बताता है कि जब कोई हमारे साथ बुरा करे, तो हम भी पलटकर उसे उतना ही बुरा जवाब देते हैं)।

🎉 कहानी समाप्त

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