हिन्दी कहानियाँ
😄 शेखचिल्ली

शेख चिल्ली की दुकानदारी (उधार का धंधा)

लोक परंपरा3 मिनट का पठन
शेख चिल्ली की दुकानदारी (उधार का धंधा)

शेख चिल्ली ने हमेशा दूसरों को व्यापार करके अमीर होते देखा था। एक दिन उसने अपनी अम्मा से ज़िद की, "अम्मा! मुझे कुछ पैसे दो। मैं भी बाज़ार में अपनी एक शानदार दुकान खोलूँगा और रातों-रात बहुत बड़ा सेठ बन जाऊँगा!"

अम्मा ने अपनी सारी जमा-पूंजी से उसे कुछ पैसे दे दिए। शेख चिल्ली ने बाज़ार में 'लड्डू और मिठाइयों' की एक छोटी सी दुकान लगा ली। उसने अपनी दुकान पर एक नई 'बहीखाता' भी रखी ताकि वह अपने व्यापार का हिसाब-किताब रख सके।

पहला दिन था, गाँव का एक आदमी आया। उसने कहा, "शेख भाई! एक किलो लड्डू दे दो, लेकिन पैसे मैं 'कल' दूँगा।" शेख चिल्ली ने सोचा कि व्यापार में तो उधार चलता ही है। उसने खुशी-खुशी लड्डू दे दिए और कॉपी में लिख लिया। थोड़ी देर में दूसरा आदमी आया, उसने भी यही कहा, "पैसे कल दूँगा!"

इस तरह तीन दिन तक शेख चिल्ली ने अपनी दुकान की सारी मिठाइयाँ गाँव वालों को यह सोचकर बाँट दीं कि सबने 'कल' पैसे देने का वादा किया है।

चौथे दिन दुकान पूरी तरह खाली हो गई। अम्मा ने आकर पूछा, "बेटा शेख! तेरी दुकान तो खाली हो गई। बता, तूने कितने पैसे कमाए?"

शेख चिल्ली ने बहुत ही गर्व से अपना सीना तानकर वह कॉपी दिखाते हुए कहा: "अरे अम्मा! आज तो मेरे पास एक भी पैसा नहीं है, लेकिन ज़रा इस कॉपी को देखो! इस गाँव के हर आदमी ने मुझसे मिठाई खरीदी है और सबने वादा किया है कि वे पैसे 'कल' देंगे। इसका मतलब है कि 'कल' मेरे पास इतनी दौलत आएगी कि मैं इस गाँव का सबसे अमीर आदमी बन जाऊँगा! मेरी तो कल लॉटरी लगने वाली है!"

अम्मा ने अपना सिर पीट लिया। उन्होंने उस 'उधार की कॉपी' को चूल्हे में फेंक कर जला दिया और बोलीं, "अरे बेवकूफ़! व्यापार में जिसका आज नहीं होता, उसका 'कल' कभी नहीं आता! तूने मुफ्त में अपनी सारी दुकान लुटवा दी।"

शेख चिल्ली अपनी जली हुई कॉपी और खाली दुकान को देखकर हैरान रह गया। उस दिन के बाद उसने कभी 'दुकानदारी' का नाम नहीं लिया।

🎉 कहानी समाप्त

😄 शेखचिल्ली की और कहानियाँ

😄 शेखचिल्ली5 मिनट

शेख चिल्ली और अंडों की टोकरी (सपनों का महल)

शेख चिल्ली बाज़ार में अंडों की टोकरी सिर पर रखकर खयाली पुलाव पकाने लगा। सपनों में उसने मुर्गियों से लेकर महल तक बना लिया, लेकिन फिर कुछ ऐसा हुआ कि...

पढ़ें →
😄 शेखचिल्ली5 मिनट

जिस डाल पर बैठा, उसी को काटना

शेख चिल्ली पेड़ की सूखी डाल काटने गया, लेकिन अपनी बेवकूफी में उसी डाल के आखिरी सिरे पर बैठकर कुल्हाड़ी चलाने लगा।

पढ़ें →
😄 शेखचिल्ली5 मिनट

कौवा कान ले गया!

जब कुछ शरारती लड़कों ने शेख चिल्ली से कहा कि कौवा उसका कान ले गया है, तो शेख बिना अपना कान चेक किए कौवे के पीछे भागने लगा।

पढ़ें →
😄 शेखचिल्ली5 मिनट

गधों की गिनती का चक्कर

शेख चिल्ली ने 10 गधे खरीदे। जब वह गधे पर बैठकर गधों को गिनता तो 9 निकलते, और नीचे उतरकर गिनता तो 10! उसे लगा कोई जादू है।

पढ़ें →
😄 शेखचिल्ली5 मिनट

शेख चिल्ली और तेल का मटका

शेख चिल्ली सिर पर तेल का मटका रखकर मज़दूरी के दो रुपयों से अमीर बनने के सपने देखने लगा और ख्यालों में लाठी चलाते हुए मटका फोड़ दिया।

पढ़ें →
😄 शेखचिल्ली5 मिनट

अँधेरे की चीज़ उजाले में ढूँढना

शेख चिल्ली का सिक्का एक अँधेरी गली में गिर गया, लेकिन वह उसे वहाँ ढूँढने के बजाय लालटेन की रोशनी में ढूँढने लगा क्योंकि वहाँ उजाला था!

पढ़ें →